गौरेला पेंड्रा मरवाही छत्तीसगढ़ के पेंड्रारोड स्थित प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ) ने एक दिल दहला देने वाले मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अदालत ने खाना नहीं बनाने जैसी मामूली बात पर अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या करने वाले आरोपी पति खेतन सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पूरा मामला गौरेला थाना क्षेत्र के खोडरी गांव की थी जहा पर पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या करने वाले आरोपी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना 21 जून 2025 की है, जब आरोपी खेतन सिंह और उसकी पत्नी सुषमा बाजरा के बीच घर में विवाद हो गया था। बताया गया कि विवाद की वजह यह थी कि सुषमा ने समय पर खाना नहीं बनाया था। इसी बात से गुस्साए खेतन सिंह ने घर में रखी कुल्हाड़ी से अपनी पत्नी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था।
मामले की सुनवाई प्रथम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) पेंड्रारोड ज्योति अग्रवाल की अदालत में हई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर घटना को क्रूरतापूर्ण हत्या साबित किया। अदालत ने आरोपी खेतन सिंह को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और ₹2000 के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। आरोपी को यह सजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनाई गई। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने की।