छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने मंगलवार को जिले में न्यायिक अधोसंरचना के महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। यह कार्यक्रम आभासी माध्यम से आयोजित किया गया। इसके तहत पेंड्रारोड और मरवाही में नई न्यायिक सुविधाओं की आधारशिला रखी गई।
पेंड्रारोड में डीआरडीए कार्यालय के पीछे न्यायिक कर्मचारियों और न्यायाधीशों के लिए आवासीय परिसर बनेगा। वहीं, मरवाही में उद्यानिकी कार्यालय के समीप नवीन व्यवहार न्यायालय भवन का निर्माण होगा। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने जिला न्यायाधीश और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्माण कार्य शासन द्वारा निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्य पूरे प्रदेश के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनना चाहिए। पेंड्रारोड में कुल 26 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इनमें 8 जी टाइप, 10 एच टाइप और 8 आई टाइप आवास शामिल हैं। मरवाही में नवीन सिविल कोर्ट भवन बनने से क्षेत्र की न्यायिक सुविधाओं का विस्तार होगा। इससे लोगों को बेहतर न्यायिक सेवाएं मिल सकेंगी।
कार्यक्रम में पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति रजनी दुबे भी आभासी माध्यम से उपस्थित रहीं। इस अवसर पर जिला कलेक्टर संतोष कुमार देवांगन मौजूद थे। पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी और जिला पंचायत मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश रावटे भी उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष, न्यायपालिका एवं प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा न्यायालय कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
कार्यक्रम के दौरान निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। गुणवत्तापूर्ण ढंग से कार्य संपन्न कराने के निर्देश भी दिए गए। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि कार्य में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। यह परियोजना जिले में न्यायिक प्रणाली को मजबूत करेगी। इससे स्थानीय लोगों को न्याय प्राप्त करने में आसानी होगी।