पूर्व मुख्यमंत्री ने भूपेश बघेल ने हर साल की तरह इस साल भी दिवाली के दूसरे दिन सोटा खाने की परंपरा को निभाने दुर्ग के कुगदा और कुम्हारी गांव पहुंचे। और खुशहाली की कामना के लिए अपने हाथ पर सोटा (चाबुक) भी खाया। कुम्हारी लट्टी बाबा चौक में कार्यक्रम में शामिल हुए जहां आदिवासी समाज के द्वारा यह परंपरा कई वर्षो से मनाई जाती आ रही है।दीपावली के दूसरे दिन समाज के लोगो द्वारा गौरी गौरा पूजा की जाती है। जिसमे सोटा खाने का निमंत्रण दिया जाता है। इसमें मान्यता यह है कि सोटा खाने वाला मुखिया या प्रधान गांव और अपने क्षेत्र की खुशहाली की कामना भगवान शिव और माता पार्वती से करता है।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश वासियों को गौरा गौरी पूजा की बधाई दी। इस मौके पर उसके साथ कुम्हारी पालिका के पूर्व अध्यक्ष राजेश्वर सोनकर,स्वप्निल उपाध्याय,थनेश पटेल समेत अन्य जनप्रतिनिधि शामिल रहे।