छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु सुशासन तिहार शिविर लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दुर्ग जिले में ग्रामीणों की समस्या सुलझाने के बजाय अधिकारी बदसलूकी करते नजर आ रहे हैं। हाल ही में थनौद गांव में चल रहे सुशासन तिहार में एक बड़ा विवाद सामने आया।
यह विवाद भाजपा विधायक ललित चंद्राकर के सामने हुआ, जहां वे चुपचाप सिर झुकाकर खड़े रहे। पूरा मामला गांव के सरकारी स्कूल की जमीन पर बने सामुदायिक भवन का है। भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने पूर्व में इस निर्माण का विरोध किया था। जिसके बाद जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने इसके निर्माण पर स्टे लगाया था।
इसके बावजूद उस अधूरे भवन को धीरे-धीरे पूरा कर दिया गया। स्टे लगे होने के बाद भी जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राशि भी जारी कर दी गई। पुराण देशमुख ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी। दुर्ग कलेक्टर ने कथित तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को राशि वसूली के मौखिक आदेश दिए थे। लेकिन अब तक वह वसूली नहीं की गई है।
विवाद और अधिकारी का बर्ताव
आज जब पुराण देशमुख फिर से इसी बात को लेकर आवेदन देने पहुंचे, तो आयोजन स्थल पर जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें शिकायत न करने के लिए धमकाया। इसके बाद यह मामला और तूल पकड़ गया। विधायक के सामने ही जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगलियां दिखाते हुए अपनी मर्यादाएं लांघी। दुर्ग जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय का यह विवादित और अव्यवहारिक बर्ताव पहला नहीं है।
पूर्व शिकायतें और विधायक की प्रतिक्रिया
इससे पूर्व भी उनके खिलाफ इस तरह के व्यवहार की कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में दुर्ग जनपद के अंतर्गत ही एक महिला सचिव ने भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी। वह मामला भी अब तक लंबित है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि किसी भी अधिकारी का ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।