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छत्तीसगढ़: शराब कंपनियों की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला, आबकारी विभाग की कार्रवाई पर अंतरिम रोक

अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) Updated Fri, 10 Jul 2026 10:22 PM IST

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एम/एस लीजेंड डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड और सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज ओडिशा प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ आबकारी विभाग, रायपुर (छत्तीसगढ़) की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। दोनों कंपनियां कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में इंडियन मेड फॉरेन लिकर (आईएमएफएल) उत्पादों का निर्माण और आपूर्ति कर रही थीं। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त के सप्ताह में संभावित है।

याचिका के अनुसार, दोनों कंपनियां राज्य के आबकारी विभाग द्वारा जारी वैध लाइसेंस और पंजीकरण प्रमाणपत्रों के आधार पर अपना व्यवसाय संचालित कर रही थीं। उनके खिलाफ पूर्व में किसी भी प्रकार की अनियमितता का कोई रिकॉर्ड नहीं था।

बिना नोटिस के कार्रवाई
2 जुलाई 2026 को अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, रायपुर ने छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन, रायपुर के प्रबंध निदेशक को एक पत्र जारी किया। इसमें भोपाल स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज लिमिटेड (एसडीबीएल) के खिलाफ एक शिकायत के आधार पर एसडीबीएल, लीजेंड डिस्टिलरीज और एसओएम डिस्टिलरीज एंड ब्रुअरीज ओडिशा प्राइवेट लिमिटेड के लाइव आईडी और पासवर्ड को निष्क्रिय करने का आदेश दिया गया। यह कार्रवाई बिना किसी कारण बताओ नोटिस या पूर्व सूचना के की गई। जबकि ये दोनों कंपनियां अलग-अलग विधिक संस्थाएं थीं और छत्तीसगढ़ राज्य में स्वतंत्र रूप से कार्यरत थीं।

प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन
कंपनियों ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने माना कि कार्रवाई से पहले नोटिस जारी नहीं करना प्राकृतिक न्याय के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन है। इसके साथ ही, शासन के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।

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