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छत्तीसगढ़: बिलासपुर में हाईकोर्ट ने करंट से 3 मौतों पर लिया संज्ञान, CSPDCL-सेक्रेटरी एनर्जी से मांगी रिपोर्ट

Tue, 07 Jul 2026 02:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

बिलासपुर हाईकोर्ट ने कोटा ब्लॉक के भाड़म में करंट से हुई तीन मौतों के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मैनेजिंग डायरेक्टर सीएसपीडीसीएल और सेक्रेटरी एनर्जी को शपथपत्र देने का निर्देश दिया है। इसमें इलेक्ट्रिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के निरीक्षण, रखरखाव के मौजूदा ढांचे, ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय और लापरवाही के मामलों में जिम्मेदारी तय करने का तंत्र शामिल होगा। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने कहा कि इलेक्ट्रिक फेंसिंग से बार-बार होने वाले जानमाल के नुकसान के लिए एक सही नीति और प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने की जरूरत है। कोर्ट ने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां लोगों ने अपनी फसलों, संपत्ति या जानवरों को बचाने के लिए खेतों, फार्महाउस और अन्य संपत्तियों को इलेक्ट्रिक फेंसिंग से घेर दिया है। अनजाने में इसके संपर्क में आने वाले लोगों को अक्सर नुकसान होता है।

इलेक्ट्रिक फेंसिंग से मौतें
कोर्ट ने कहा कि बिजली का झटका लगने से कई लोगों की मौत हो जाती है, जिसके कारण जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। हालांकि आपराधिक मामले चलाना जरूरी है, लेकिन ऐसी घटनाओं का बार-बार होना गंभीर चिंता का विषय है। इससे बचाव के प्रभावी उपायों की जरूरत है। इलेक्ट्रिक फेंसिंग के नतीजे सिर्फ इन्सानों तक ही सीमित नहीं हैं, कई मामलों में घरेलू और जंगली जानवर भी इसके संपर्क में आकर जान गंवा चुके हैं। इसलिए सही बचाव और नियामक उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

पब्लिक सेफ्टी और पॉलिसी की मांग
कोर्ट ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि मैनेजिंग डायरेक्टर, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड रायपुर को इस जनहित याचिका में प्रतिवादी के तौर पर शामिल किया जाए। खंडपीठ ने पब्लिक सेफ्टी सुनिश्चित करने के लिए ठोस, समयबद्ध उपाय सुझाने को कहा। यह भी स्पष्ट करने को कहा गया कि क्या इस बारे में कोई पूरी पॉलिसी या स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर मौजूद है। यदि ऐसी कोई पॉलिसी नहीं है, तो उसे बनाने और लागू करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों के साथ-साथ एक निश्चित समय-सीमा भी बताने का निर्देश दिया गया है।

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