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Bilaspur : स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद पर की गई नियुक्ति रद्द, हाईकोर्ट ने किया खारिज

Thu, 12 Mar 2026 07:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर

बिलासपुर- हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार पद पर की गई नियुक्ति को अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को सीधे रजिस्ट्रार नियुक्त करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि कानून के अनुसार यह अधिकार काउंसिल के पास है। दरअसल, डॉ. राकेश गुप्ता ने याचिका लगाई थी, जिसमें राज्य सरकार द्वारा 14 मार्च 2024 को जारी आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश के तहत स्टोर कीपर अश्वनी गुरडेकर को छत्तीसगढ़ स्टेट फार्मेसी काउंसिल का रजिस्ट्रार पद का प्रभार दिया गया था।

याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि Pharmacy Act, 1948 की धारा 26 के अनुसार रजिस्ट्रार की नियुक्ति राज्य फार्मेसी काउंसिल द्वारा की जानी चाहिए और इसके लिए केवल राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होती है। लेकिन इस मामले में राज्य सरकार ने सीधे आदेश जारी कर दिया, जो कानून के प्रावधानों के विपरीत है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान पाया, कि नियुक्ति या प्रभार देने से पहले काउंसिल की ओर से कोई प्रस्ताव या निर्णय लिया गया हो, ऐसा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा कि जब कानून किसी कार्य को करने का एक निश्चित तरीका तय करता है, तो वही तरीका अपनाया जाना चाहिए।

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि अश्वनी गुरडेकर डॉ भीमराव अंबेडकर मेमोरियल हॉस्पिटल में स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत हैं और नियमों में निर्धारित पात्रता भी स्पष्ट रूप से पूरी नहीं करते हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार के 14 मार्च 2024 के आदेश को अवैध बताते हुए निरस्त कर दिया। साथ ही राज्य सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे रजिस्ट्रार की नियुक्ति की नई प्रक्रिया कानून के अनुसार शुरू करें। कोर्ट ने कहा कि काउंसिल चाहें तो Pharmacy Act, 1948 और संबंधित नियमों के तहत नई नियुक्ति प्रक्रिया प्रारंभ कर सकती है।

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