बिलासपुर में उच्च शिक्षा के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। तारबहार थाना क्षेत्र की 12वीं उत्तीर्ण छात्रा ऋषिका तिवारी से IIIT हैदराबाद में एडमिशन दिलाने का झांसा देकर 12 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़िता ने तारबहार थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, छात्रा को गूगल और सोशल मीडिया के माध्यम से प्राइम पाथ एडमिशन नाम की कथित एडमिशन कंसल्टेंसी का संपर्क मिला। कंसल्टेंसी के प्रतिनिधियों ने SAT परीक्षा के जरिए IIIT हैदराबाद में प्रवेश सुनिश्चित कराने का दावा किया और परिवार का विश्वास जीत लिया। आरोपियों ने पहले पुणे में बुलाकर आरटीजीएस के माध्यम से 4 लाख रुपये जमा कराए। इसके बाद हैदराबाद के गाचीबोली स्थित एक होटल में बुलाकर 8 लाख रुपये और ट्रांसफर करा लिए। दो सप्ताह में एडमिशन लेटर देने का वादा किया गया, लेकिन न प्रवेश मिला और न ही रकम लौटाई गई।
कुछ समय तक आरोपी व्हाट्सएप कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क में रहे, लेकिन 28 जुलाई के बाद सभी मोबाइल नंबर बंद हो गए। इसके बाद पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ।तारबहार पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, आरटीजीएस रसीद, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग समेत सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही छात्रों और अभिभावकों से किसी भी एडमिशन एजेंसी की पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही भुगतान करने की अपील की गई है। बिलासपुर में ऐसा पहला मामला सामने नहीं आया है,इससे पहले भी साइबर फ्रॉड के कई मामले सामने आते रहे हैं। पुलिस इस मामले में जागरूकता अभियान भी चलाती रही है,लेकिन साइबर ठग अभी भी अपने मंसूबों में कामयाब हो रहे हैं।