आज अंतरराष्ट्रीय संकेत भाषा दिवस है और हम आपको कुछ ऐसे लोगों से मिलाने जा रहे हैं जो बोल और सुन तो नहीं सकते लेकिन उन्हें खुले आसमान में जीने से आज कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने अपनी कमियों को कहीं जाहिर नहीं होने दिया और अपने जीवन से संघर्ष करते रहे और आज इस मुकाम पर हैं कि डीफ कम्युनिटी के बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं। खुद बोल व सुन पाने में सक्षम नहीं है लेकिन अन्य लोगों के जीवन में उजियारा ला रहे हैं।