फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chhattisgarh: बालोद में रिटायर्ड कर्मचारी से 12 लाख की ठगी, बिहार से तीन आरोपी गिरफ्तार

अनुज कुमार Updated Fri, 22 Aug 2025 10:40 PM IST

बालोद पुलिस ने प्रधानमंत्री किसान योजना के नाम से एप्लीकेशन फाइल बनाकर मोबाइल हैकिंग कर 12 लाख 13 हजार रुपए की ठगी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को बिहार के जमुई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डोंडिलोहरा थाना एवं साइबर सेल ने संयुक्त रूप से इस कार्रवाई को अंजाम दिया है और दूसरे राज्य बिहार जाकर सभी को गिरफ्तार किया गया है। इनके द्वारा ई-सिम रखने के ऑप्शन वाले मोबाइल का उपयोग किया गया था और इनको फैक एप्लीकेशन किसी थर्ड व्यक्ति ने दिया था। यह ज्यादा पढ़े लिखे नहीं होने के बावजूद भी इस तरह आईटी सेक्टर के ठगी को अंजाम दिया करते थे। इस गिरोह में और भी लोग शामिल हैं, जिन्हें जल्द गिरफ्तार करने की बात पुलिस अधीक्षक ने कही। पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि तीनों आरोपियों के पास से मोबाइल चेक बुक पासबुक तीन नग मोबाइल एक नग लैपटॉप लगभग 15 लख रुपये जब्त किए हैं। इनके द्वारा एक टॉप मॉडल वेन्यू कार का उपयोग भी किया जा रहा था। दरअसल, बिहार पहुंच कर टीम द्वारा कैंप लगाकर लोकल मुखबिर और लोकल थाने के सहयोग से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम नीतीश कुमार दास अरविंद कुमार दास और राकेश कुमार दास है, जो की जमुई बिहार के रहने वाले हैं। दरअसल, बीएसपी रिटायर बुजुर्ग दिलीप मेश्राम से इन्होंने एक ठगी को अंजाम दिया था और वह फेक एप्लीकेशन फाइल पूरे सोशल मीडिया व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया जा रहे थे। रिटायर्ड कर्मचारी द्वारा डोंडिलोहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद उस मोबाइल को हैक कर मोबाइल नंबर के सिम का ई-सिम तैयार कर लिया गया और ओटीपी लेकर फोन पर जनरेट कर अलग-अलग यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन पैसे डिजिटल ट्रांसफर किए गए। जब जांच की गई तो पता चला कि विभिन्न यूपीआई एप के माध्यम से पैसे निकाले गए हैं, आरोपियों को पूछताछ कर सभी सबूत को इकट्ठा कर आरोपियों को न्यायिक डिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

Latest

विज्ञापन

Recommended

विज्ञापन
Next
एप में पढ़ें