छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के दल्ली राजहरा में बीते दिन एक दुखद घटना हुई। बीएसपी की सीवरेज पाइपलाइन के काम के दौरान मिट्टी धंसने से तीन मजदूरों की मृत्यु हो गई। देर रात तक छह घंटे का बचाव अभियान चला। इसके बाद मृतकों के शव बीएसपी अस्पताल में रखे गए थे। सुबह होते ही परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया।
जानकारी के लिए बता दें कि परिजन एक करोड़ रुपये मुआवजे और शासकीय नौकरी की मांग पर अड़े रहे। क्षेत्रीय क्रांति सेना संगठन ने भी मजदूरों के साथ आंदोलन किया। दिनभर चले इस हंगामे के बाद शाम लगभग चार बजे भिलाई इस्पात संयंत्र और मजदूरों के बीच सहमति बन पाई। अब ठेकेदार द्वारा प्रत्येक परिवार को पांच लाख पचास हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही राजहरा माइंस में ठेका श्रमिक के रूप में काम भी मिलेगा।
प्रशासन और मुआवजे का आश्वासन
स्थिति बिगड़ने की आशंका पर अस्पताल के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। एडीएम, एसडीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवारों को समझाने की कोशिश की लेकिन देर शाम तक सहमति नहीं बनी। प्रबंधन और परिजनों के बीच मध्यस्थता के बाद मामला शांत हुआ। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारी शशि भूषण चंद्राकर ने बताया कि ठेकेदार ने मदद का आश्वासन दिया है। बीएसपी प्रबंधन पीड़ित परिवारों के एक व्यक्ति को नौकरी पर रखेगा। कलेक्टर ने कहा कि श्रम कार्ड के माध्यम से पांच लाख रुपये तक की सहायता राशि का लाभ मिलेगा। पुलिस द्वारा तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी गई है। नगर पुलिस अधीक्षक विकास पाटले ने बताया कि मर्ग कायम कर आगे की जांच की जा रही है।