मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक मुख्यालय जनकपुर में कैलाश मंदिर और बनास नदी के आसपास इन दिनों एक जंगली भालू की लगातार मौजूदगी लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। सावन महीने में मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मंदिर के आसपास भालू की आवाजाही से श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्कूली बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक भालू रोज शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच मंदिर और आसपास के इलाके में दिखाई देता है। कई बार सुबह के समय भी उसकी मौजूदगी देखी गई है। भालू को देखने के लिए लोग मौके पर जमा हो रहे हैं। कुछ लोग उत्सुकता में उसके बेहद करीब जाकर मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाने से भी नहीं हिचक रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग उसे खाने-पीने की चीजें भी दे रहे हैं, जो किसी बड़े खतरे को न्योता दे सकता है।
कृषि विभाग के प्रभारी अधिकारी इंद्रपाल वास्कले ने बताया कि भालू लगातार मंदिर और कार्यालय के आसपास नजर आ रहा है। पास ही एकलव्य आवासीय विद्यालय होने के कारण बच्चों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर चिंता स्वाभाविक है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर निगरानी कर रही है और भालू को सुरक्षित पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही है।
कृषि विभाग पहुंचे विजेंद्र कुमार अहिरवार ने बताया कि मंदिर के पास भालू को देखकर वे घबरा गए और वापस लौट गए। उन्होंने कहा कि भालू शांत दिखाई दे रहा था, लेकिन इतने करीब रुकना सुरक्षित नहीं लगा। स्थानीय लोगों ने भालू को जल्द सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि भालू से दूरी बनाए रखें, भीड़ न लगाएं और उसे किसी भी तरह का भोजन न दें।