सरगुजा जिले के लुंड्रा थाना क्षेत्र के महोरा गांव में डायल-112 टीम के साथ मारपीट और एक आरक्षक पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद से फरार चल रहे आरोपियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जबकि अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है।
पुलिस के मुताबिक 3 जून को ग्राम महोरा स्थित आम बगीचा के पास कुछ लोगों के बीच विवाद की सूचना डायल-112 को मिली थी। सूचना पर आरक्षक रामसाय नागेश, बहाल राम और वाहन चालक डेविड कुजूर मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम को देखते ही विवाद कर रहे कुछ लोग वहां से भाग निकले। बताया जाता है कि लौटने के दौरान कुछ ग्रामीण डंडे और लोहे की रॉड लेकर मौके पर पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से विवाद करते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि दिलबर, आकाश और उनके साथियों ने डायल-112 टीम को घेरकर काफी देर तक रोके रखा और आरक्षक बहाल राम पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया।
हमले में बहाल राम के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। अधिक रक्तस्राव के कारण वे मौके पर ही अचेत हो गए। साथी आरक्षक रामसाय नागेश और चालक डेविड कुजूर ने तत्काल उन्हें लुंड्रा अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया। घटना के बाद आरक्षक रामसाय नागेश की शिकायत पर लुंड्रा थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दिलबर और आकाश समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश कर दिया गया है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।