सरगुजा जिला के अंबिकापुर शहर में गांधीनगर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से मंगलवार रात फरार हुए 13 अपचारी बालकों में से पुलिस ने अब तक 5 को पकड़ लिया है, जबकि शेष 8 की तलाश जारी है। फरार बालकों को पकड़ने के लिए सरगुजा सहित बलरामपुर और कोरिया जिले की पुलिस संयुक्त रूप से अभियान चला रही है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात भोजन के बाद अपचारी बालकों ने परिसर के पुराने और जर्जर दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर फरार होने की योजना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांधीनगर थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जिलेभर में नाकाबंदी कर तलाश शुरू की गई।
ताजा अपडेट के अनुसार, फरार 13 बालकों में से 5 को पुलिस ने पकड़ लिया है। इनमें 3 बालकों को बलरामपुर जिले के राजपुर एवं बलरामपुर थाना क्षेत्र से तथा 2 बालकों को कोरिया जिले के चर्चा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है। शेष 8 अपचारी बालकों की तलाश जारी है।
बताया गया है कि फरार हुए बालकों में सरगुजा, सूरजपुर और कोरिया जिले के अपचारी शामिल हैं, जो हत्या, दुष्कर्म, लूट और चोरी जैसे गंभीर मामलों में निरुद्ध थे। प्रारंभिक जांच में इस फरारी की साजिश का मास्टरमाइंड उसी बालक को माना जा रहा है, जो 23 जून को हुई फरारी की घटना में भी शामिल था।
उल्लेखनीय है कि एक महीने के भीतर बाल संप्रेक्षण गृह से फरारी की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 23 जून को 11 अपचारी बालक खिड़की तोड़कर भाग निकले थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने पकड़ लिया था। लगातार हो रही घटनाओं के बाद बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। प्रभारी अधिकारी शमा नूरी ने सुरक्षा बढ़ाने, नगर सैनिकों की संख्या में वृद्धि तथा परिसर के पुराने दरवाजों और खिड़कियों को वेल्डिंग कर मजबूत किए जाने की जानकारी दी है।
गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि फरार शेष बालकों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित संभावित ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है और जल्द ही सभी को पकड़ लेने का दावा किया गया है।