डैडी आई हैव रिकैप्चर...आप चिंता मत कीजिए, जो दुश्मनों ने हमारी 5140 चोटी कब्जा कर रखी थी, उसको हमने फतेह कर लिया है... यह शब्द थे कैप्टन विक्रम बत्रा के, जो उन्होंने अपने पिता से आखिरी बातचीत के दौरान कहे थे। 17 जून को पाकिस्तान के सात जवानों को ढेर कर के अपनी चोटी पर दुश्मनों के चंगुल से छुड़ाने के बाद बत्रा ने अपने माता -पिता से आखिरी बातचीत की थी। साल 1999 में लड़ा गया कारगिल युद्ध आज भी सबके जहन में है। कैप्टन विक्रम बत्रा एक ऐसा नाम जो हमेशा के लिए अमर हो गया। बत्रा सात जुलाई 1999 में प्वाइंट 4875 के फतह के दौरान वीरता पूर्वक लड़ते हुए बलिदान हो गए। कैप्टन विक्रम बत्रा के पिता गिरधारी लाल बत्रा ने बेटे के साथ की आखिरी बातचीत के बारे में बताया।