आयुष विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. राजीव कपिला ने बताया कि ठंड के मौसम में रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने लगती है, ऐसे में आयुर्वेदिक औषधियां शरीर को अंदर से मज़बूती देती हैं और मौसमी रोगों से बचाव करती हैं। उन्होंने कहा कि सर्दियों में खांसी, जुकाम, बुखार, जोड़ो का दर्द और पाचन से जुड़ी दिक्कतें बढ़ जाती हैं, जिनमें परंपरागत आयुर्वेदिक नुस्खे बेहद प्रभावी साबित होते हैं। डॉ. कपिला के अनुसार गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी और मुलेठी जैसी औषधियां प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक हैं। वहीं, घर की रसोई में मौजूद कई किचन औषधियां भी ठंड में प्राकृतिक कवच का काम करती हैं। अदरक, हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी और लौंग को वे सबसे प्रभावी मानते हैं। उनका कहना है कि सुबह गुनगुने पानी में हल्दी मिलाकर पीने से शरीर गर्म रहता है, जबकि अदरक और तुलसी का काढ़ा श्वसन तंत्र को मजबूती देता है और संक्रमण से बचाता है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि मौसम के अनुरूप खानपान अपनाएं, मसालों का संतुलित उपयोग करें और गर्म पेय पदार्थों को प्राथमिकता दें। आयुर्वेद के ये सरल उपाय ठंड में स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।