इंसान ज्यादा रुपये कमाने के बाद सोचने लगता है कि पूरी की पूरी दुनिया उसकी है. पर सच तो ये है कि इंसान चाहे जितना अमीर हो जाए, वो इस पूरे ब्रह्मांड में बेहद छोटी ईकाई है. अगर हम सम्मिलित रूप से इस पूरी दुनिया को देखें तो शायद एक भी व्यक्ति का वजूद ही ना नजर आए.