गया की धरती पर इन दिनों सिर्फ धान की फसल नहीं लहरा रही, बल्कि लोकतंत्र भी पूरे जोश में है। मिट्टी की सोंधी खुशबू के साथ अब चुनावी हवा भी चल रही है, कहीं चौपालों पर चर्चाओं का दौर है, तो कहीं गलियों में नारों की आवाज़ गूंज रही है। हर कोई यही सोच रहा है कि इस बार सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी? जब ‘अमर उजाला’ का चुनावी रथ “सत्ता का संग्राम” लेकर गया पहुंचा, तो लगा जैसे लोकतंत्र की सबसे ज़ोरदार धड़कन यहीं सुनाई दे रही हो, जनता पूरी उम्मीद, बदलाव और विश्वास के साथ नई कहानी लिखने को तैयार है। स्थानीय निवासी कुमार ओमकार ने कहा, “गया जी के लोग इस बार मोहन श्रीवास्तव को आशीर्वाद देंगे। पिछले 35 वर्षों से मौजूदा विधायक ने सिर्फ लूट और भ्रष्टाचार किया है। जनता अब उन्हें ‘विनाश पुरुष’ कहने लगी है। इस बार गया जी में बदलाव तय है।” दिनेश यादव ने कहा, “अब बिहार में रावण राज नहीं रहेगा, यहां राम राज रहेगा। बिहार की महिलाएं आज सुरक्षित हैं, तो उसका श्रेय नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। मौजूदा विधायक इस बार करीब 50 हजार वोट से जीतेंगी।” राजू कुमार ने कहा, “इस बार मोहन श्रीवास्तव के पास अच्छा मौका है। वह पिछले दो चुनाव से लगातार लड़ रहे हैं और इस बार जनता उनके साथ है।” अमित श्रीवास्तव ने कहा, “गया जी के लोग पिछले 35 साल से एक ही चेहरे को चुनते आ रहे थे, लेकिन अब लोग बदलाव के मूड में हैं। मौजूदा विधायक कहते हैं कि उन्होंने विकास किया, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और है। इस बार गया जी में बदलाव तय है।” मोहन श्रीवास्तव ने कहा, “2005 से पहले बिहार की हालत बहुत खराब थी। नीतीश कुमार के सत्ता में आने के बाद सड़क, बिजली और विकास के क्षेत्र में बड़ा सुधार हुआ। पहले लोग बिजली के तार पर कपड़े सुखाते थे, अब गया जी में 300 करोड़ रुपये का आधुनिक रेलवे स्टेशन बन रहा है। पर्यटन क्षेत्र में भी काफी काम हुआ है।”