पूर्णिया के कसबा में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन से कटकर चार युवकों की मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि चार युवकों के शरीर कई टुकड़ों में बंट गए। ट्रेन की रफ्तार ने इन चारों की जिंदगी लील गए। शुक्रवार सुबह कटिहार-जोगबनी रेलवे ट्रैक पर मौत का मंजर देख लोग सहम गए। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। यह लोग वंदे भारत ट्रेन की सेवा शुरु होने से जितना उत्साहित थे, आज इस हादसे के बाद उतना ही दुखी भी हैं। क्योंकि चार युवकों की जिंदगी इस ट्रेन की चपेट में आने से खत्म हो गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पांच युवक दशहरा मेला देखकर लौट रहे थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि रेलवे ट्रैक पार करते वक्त ऐसा हो जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि कटिहार जोगबनी रेलखंड के कसबा जबनपुर के पास शुक्रवार सुबह करीब साढ़े चार यह हादसा हुआ। वंदे भारत ट्रेन की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को संभलने या भागने का कोई मौका नहीं मिला। ट्रेन ने देखते ही देखते पांच युवको को बुरी तरह से रौंद दिया। इधर, घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुँची। भीड़ को नियंत्रित कर शवों को कब्जे में लिया गया और पोस्टमार्टम के लिए GMCH पूर्णिया भेजा गया। हादसे की खबर जंगल की आग की तरह आसपास के दर्जनों गांवों में फैल गई। मौके पर हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बता दें कि यह वही वंदे भारत एक्सप्रेस है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह ट्रेन सीमांचल (जोगबनी) को राजधानी पटना (दानापुर) से जोड़ती है और इसका नियमित परिचालन 17 सितंबर से शुरू हुआ था। इस नई और अत्याधुनिक ट्रेन से जुड़े इस पहले बड़े हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी