बिहार में नीतीश कुमार एनडीए से नाता तोड़कर महागठबंधन के मुख्यमंत्री बन गए और इसके बाद से प्रशांत किशोर बड़े असहज से हैं। प्रशांत किशोर जो कभी नीतीश कुमार के करीबी हुआ करते थे, अब उन्हें फूटी आंखों नहीं सुहाते। यही स्थिति प्रशांत किशोर की भी है। नीतीश कुमार की सरकार और उनकी आलोचना से अब वह कोई परहेज नहीं करते। राजनीति के अंदरखाने में एक खबर और चल रही है। एक प्रमुख दल के नेता ने कहा कि इसका असर प्रशांत किशोर की कंपनी पर पड़ रहा है। चुनाव प्रचार अभियान के लिए विपक्षी दल के कुछ नेता कतराने लगे हैं।