उत्तराखंड के भीमताल में पेशे से मजदूरी करने वाली नेपाली मूल की एक विवाहिता ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गुरुवार को एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया।
जन्म के कुछ देर बाद ही चारों शिशुओं को इलाज के लिए हल्द्वानी स्थित सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया। एसटीएच में एक लड़की की मौत हो गई, जबकि एक लड़की की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि महिला सामान्य स्थिति में सीएचसी में ही भर्ती है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया
यहां से करीब आठ किमी दूर घिंघरानी (चांफी) में चौनाल परिवार में काम करने वाले मजदूर कमल थापा की पत्नी दीपिका थापा (20) को सुबह प्रसव पीड़ा उठी तो उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. सुधीर सिंह कन्याल के निर्देशन में महिला चिकित्सक डा. बीएल नारंग, डा. अमित मेहरा, फार्मेसिस्ट एमसी जोशी, जीसी कांडपाल स्टाफ नर्स हेमा बिष्ट ने उपचार शुरू किया।
डॉक्टर हैरान
एक साथ चार बच्चों के जन्म से ओटी रूम में मौजूद डॉक्टर हैरान रह गए। डा. कन्याल ने बताया कि चार नवजातों में एक लड़का और तीन लड़कियां हैं। इनका वजन क्रमश: 500 ग्राम, 750 ग्राम, 1 किलो और सवा किलो है। बाद में एसटीएच में एक लड़की की मौत हो गई है।
पांच साल का बेटा भी है दीपिका का
चार बच्चों को जन्म देने वाली दीपिका थापा का पांच साल का एक बेटा भी है। जो घिंघरानी में ही उनके साथ रहता है। दीपिका और उसके पति कमल थापा का कहना है कि प्रसव से पूर्व कराई गई जांच में उनके जुड़वा बच्चे होने की बात सामने आई थी लेकिन यह पता नहीं था कि एक साथ चार बच्चे होंगे। यह दंपति छह माह पहले घिंघरानी में काम की तलाश में आया था और तभी से यहीं रह रहा है।