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जुर्म छुपाने के लिए बाबा केदार का 'सहारा'

Fri, 01 Nov 2013 10:48 AM IST
संदीप थपलियाल/ अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में जून में आई जलप्रलय के दौरान लापता लोगों की गुमशुदगी की जांच किए जाने पर ऐसे मामले पकड़ में आ रहे हैं। शातिर लोग केदारघाटी जल प्रलय को भी अपना जुर्म छुपाने का सहारा बनाने से नहीं चूके।
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फरीदाबाद में एक व्यक्ति ने अपनी भाभी की हत्या कर दी थी। अपना जुर्म छुपाने के लिए उसने उसे जल प्रलय में लापता बता दिया। जल प्रलय में लापता लोगों की गुमशुदगी के मामलों की विवेचना में जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए राज खुलकर आ रहे हैं।

जल प्रलय बेहतर माध्यम
किसी ने रुपयों के लोभ में झूठी गुमशुदगी दर्ज कराई है तो कुछ इससे आगे निकल गए। हत्या जैसी संगीन वारदात में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कुछ को केदारनाथ जल प्रलय सबसे बेहतर माध्यम लगा।
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फरीदाबाद में भाभी की हत्या करने वाले ने सोचा होगा कि केदारघाटी में शवों के न मिलने से पुलिस उस तक कभी नहीं पहुंच पाएगी। किसी को शक भी न हो, इसलिए उसने झूठी कहानी गढ़कर भाभी के भाई से ही रिपोर्ट दर्ज करा दी। लेकिन शव की पहचान होने से उसका भांडा फूट गया। यदि मेरठ में शव नहीं मिलता, तो वह अपने इरादे में सफल हो जाता।

वहीं फ्रॉड करने वाले अटल भाईयों का मकसद था कि पुलिस नितिन को मृत मानकर उसके विरुद्ध मुकदमे बंद कर देगी। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब पुलिस झूठी गुमशुदगी दर्ज कराने के आरोप में  सुमित अटल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर रही है।

केस-एक
दयालपुर फरीदाबाद की रीना की 25 जून को उसके भाई ने गुमशुदगी दर्ज कराई कि वह केदारनाथ जल प्रलय के बाद से लापता है। इससे पूर्व सात जून को मेरठ पुलिस को एक महिला का शव मिलता है। पुलिस महिला की शिनाख्त के लिए फोटो प्रकाशित करवाती है।

13 जुलाई को रीना के पिता ने शव की पहचान अपनी पुत्री के रुप में की। शक के आधार पर पुलिस रीना के देवर समरपाल को दबोचती है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि देवर ने रीना की हत्या कर शव मवाना में फेंक दिया था। किसी को शक न हो, इसके लिए उसने रीना के भाई को गलत जानकारी देकर गुमशुदगी दर्ज करवा दी। रीना के पति की पहले ही मौत हो चुकी है।

केस दो
24 जून को आगर मालवा (मध्य प्रदेश) के सुमित अटल ने अपने भाई नितिन अटल की केदारघाटी आपदा में लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जब विवेचना के लिए उसके गांव पहुंची तो हैरान रह गई।

नितिन के ऊपर सरकारी भूमि बेचने, धोखाधड़ी, जालसाजी और षडयंत्र के तीन केस थाना आगर मालवा में दर्ज थे। पुलिस को उसकी तलाश है। स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराने वाले सुमित के विरुद्ध मामला पंजीकृत हैं। दोनों भाई फरार हैं।
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