उच्च न्यायालय में तीन दिन से राष्ट्रपति शासन को लेकर दाखिल याचिका पर आज फैसला आने का अंदेशा राजभवन को हो गया था। राज्यपाल का सचिवालय में तय शेड्यूल इसी के चलते बदला गया।
जनता से मिलने का राज्यपाल केके पाल ने 12.30 बजे तक का समय रखा था, लेकिन जैसे ही उच्च न्यायालय के फैसले की भनक लगने लगी तो वह पौने बारह बजे सचिवालय से राजभवन निकल गए।
तीन दिन से चल रही सुनवाई के दौरान कोर्ट की तलख टिप्पणियां इस ओर इशारा कर रही थी कि फैसला याचिकाकर्ता पूर्व सीएम हरीश रावत के पक्ष में आ सकता है। सुबह सुनवाई शुरू होते ही सचिवालय में सभी अधिकारियों कर्मचारियों के बीच चर्चा फैसले को लेकर रही।
राज्यपाल अपने तय कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे सचिवालय पहुंच गए। उन्होंने डेढ़ घंटे का समय जनता की समस्या सुनने के लिए तय किया था।
राज्यपाल के लौटने के लगाए जा रहे कयास
कार्यक्रम का एक दिन पहले राजभवन से शेड्यूल भी जारी हुआ, जिसके लिए संबंधित अधिकारियों को दिशानिर्देश दिए गए। राज्यपाल निर्धारित समय पर पहुंचे लेकिन लगभग पौने बारह बजे सचिवालय से वापस राजभवन लौट गए।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि तय कार्यक्रम को छोड़कर राज्यपाल वापस राजभवन किन कारणों से लौटे, लेकिन कयास लगाया जा रहा है कि हाईकोर्ट के निर्णय को लेकर अंदेशा लगते ही वह लौट गए।
इसके बाद उन्होंने अपने दोनों सलाहाकारों को भी राजभवन बुला लिया। राज्यपाल के जाने से सचिवालय में चर्चाओं को और बल मिला। बाद दोपहर जब कोर्ट का फैसला आ गया तो लगाए जा रहे कयास सच साबित होते दिखे।