ग्राम पंचायत में छोटी सरकार बदलते ही ग्रामीणों के भी अच्छे दिन आ गए हैं। चार माह से बंद पड़े स्वजल टैंक के चालू होने से गर्मी के सीजन में राहत मिल गई है। टैंक के न चलने से गांव की करीब दस हजार की आबादी पेयजल के भारी संकट से जूझ रहे थे।
भगवानपुर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत चुडिय़ाला में बने स्वजल टैंक के बिजली कनेक्शन को बिल न चुकाने पर ऊर्जा निगम ने पिछले साल लगभग नवंबर माह में काट दिया था। जिससे स्वजल योजना बंद होने से गांव के लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया था।
कुछ लोगों ने तो योजना बंद होने से अपने हैंडपंप लगा लिए थे, लेकिन गरीबों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा था। गांव में लगे सरकारी हैंडपंप भी गर्मी बढने के साथ-साथ जवाब देने लगे थे।
इससे ग्रामीणों को गर्मी के सीजन में पानी के लिए हाहाकार मचने की आशंका दिखाई दे रही थी। जिस पर ग्रामीण नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान रेखा से लगातार स्वजल योजना को किसी भी तरह चालू कर शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग कर रहे थे।
आखिरकार मिली सफलता
ग्राम प्रधान रेखा एवं उनके पति योगेंद्र त्यागी भी पंचायत का चार्ज मिलते ही लगातार ग्रामीणों की पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए प्रयास कर रहे थे। आखिरकार उन्हें सफलता मिल गई।
ऊर्जा निगम के अधिकारियों के आगे निवेदन करने से उन्होंने बिजली का बिल जल्द जमा करने के आश्वासन पर टैंक के नलकूप का कनेक्शन जोड़ दिया।
प्रधान की ओर से भी पेयजल टैंक को चालू कर ग्रामीणों की पेयजल समस्या का हल कर दिया। ग्राम प्रधान रेखा का कहना है कि गांव के विकास के लिए आगे भी हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, ताकि गांव का चहुमुखी विकास हो सके।