पहाड़ में रविवार को मौसम ने करवट बदली है। चारों धामों में बारिश के साथ बर्फबारी होने से शीतलहर का प्रकोप तेज हो गया है। केदारनाथ धाम में आधा फीट बर्फ जम गई है। गंगोत्री, हर्षिल, मुखबा, धराली और यमुनोत्री धाम में दो से तीन इंच तक बर्फ गिरी है। औली सहित ऊंचाई पर स्थित तमाम पर्यटक स्थलों में बर्फबारी होने से यहां नया साल मनाने पहुंचे पर्यटकों के चेहरे खिल उठे हैं। औली में पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ उठाया।
केदारनाथ में आधा फीट बर्फ जम गई है। खराब मौसम के चलते धाम में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। यहां शाम पांच बजे तापमान माइनस 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इससे पूर्व शनिवार देर रात को भी केदारनाथ में दो घंटे तक खूब बर्फबारी हुई। चोपता, दुगलबिट्टा, तुंगनाथ, मद्महेश्वर में भी रविवार को हल्की बर्फबारी हुई। रुद्रप्रयाग में दो बजे के बाद 15 मिनट के लिए तेज बारिश भी हुई।
दोपहर मौसम की लुकाछिपी जारी रही, लेकिन तीन बजे के बाद ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हो गई। गंगोत्री, हर्षिल, मुखबा, धराली और यमुनोत्री धाम में दो से तीन इंच तक बर्फ गिरी। यमुनोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित कुलदीप उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम में दो से तीन इंच तक बर्फ गिरी है, जबकि इधर, मुखबा के तीर्थ पुरोहित सुधांशु सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री, हर्षिल, मुखबा, धराली आदि ऊंचाई वाले स्थानों पर दोपहर दो बजे के बाद बर्फबारी हुई है।
गंगाघाटी के गांवों में बर्फबारी होने से बढ़ी ठंड के कारण लोग दिनभर घरों में दुबके रहे। मौसम में बदलाव के चलते तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई। जिले का तापमान 7 से 9 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। देवाल ब्लाक में बर्फबारी होने से पारा लुढ़क गया है। ब्लाक के वांण, कुलिंग, घेस, हिमनी आदि गांवों में बर्फबारी से चोटियां सफेद हो गई हैं। वांण से आगे गैरोली पातल, वैदनी, बगुवावासा, रूपकुंड में रविवार की सुबह से ही बर्फवारी शुरू हो गयी थी।
सुबह अच्छी धूप खिली थी, लेकिन दोपहर बाद मौसम खराब होने से बारिश होनी शुरू हो गई। तेज बारिश के कारण तापमान में गिरावट हो गई, जिसके बाद बर्फबारी शुरू हो गई। सर्दी के दिनों में गर्मी का एहसास कराने वाले सूखे के चार माह गंगोत्री घाटी के उपला टकनौर क्षेत्र में बर्फबारी से सेब उत्पादन पर मंडरा रहा खतरा टलने से किसानों के चेहरों पर मुस्कराहट लौट आई है। शनिवार रात को हर्षिल, सुक्की, धराली क्षेत्र में आधा इंच बर्फबारी तो हुई, लेकिन बगोरी के जंगल में देवदार के सूखे खोखले व ठूंठ पर सुलगी आग ठंडी नहीं हो पाई।
रविवार दोपहर दो बजे से शुरू हुई बर्फबारी से 27 दिनों से बलदोड़ी के पीछे के जंगल तक सुलगी आग भी ठंडी पड़ने की उम्मीद है। ऋतु चक्र में आए बदलाव ने बीते साल फ्लावारिंग सीजन में असमय बारिश से परागण क्रिया बाधित होने से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। इस वर्ष भी चार माह से सूखे की स्थिति के कारण सेब उत्पादन के लिए न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता की पूर्ति नहीं होते देख करीब 5000 मिट्रिक टन उत्पादन वाले इस क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी थी।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी और बर्फबारी की शुरूआत होने से अब किसान आगामी सेब की फसल को लेकर थोड़ा राहत महसूस कर रहे हैं। हर्षिल क्षेत्र में पारा लुढ़कने से लोगों के घरों के नल का पानी व 200 किलोवाट की हर्षिल लघु जल विद्युत परियोजना की पावर चैनल का पानी जम गया। पावर चैनल का पानी जमने से विद्युत गृह का उत्पादन ठप हो गया है।
औली में बर्फबारी, पर्यटकों ने उठाया लुत्फ
जोशीमठ/गोपेश्वर। साल के पहले दिन जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी हुई। पर्यटकों ने बर्फ का जमकर लुत्फ उठाया। बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, औली, गौरसों बुग्याल, पनार बुग्याल, लाल माटी सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई जबकि निचले क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई। औली में अपराह्न तीन बजे से बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ, जो देर शाम तक भी जारी रहा। औली पहुंचे पर्यटकों की बर्फ देखने की हसरत भी पूरी हुई। पर्यटकों ने बर्फ पड़ते समय फोटो खिंचवाई और ठंड की परवाह किए बिना बर्फ का जमकर लुत्फ उठाया। मुंबई के पर्यटक अर्जुन वर्मा और मिक्की का कहना है कि थर्टी फर्स्ट को औली और आसपास की चोटियों में बर्फ न होने से मायूसी छा गई थी, लेकिन साल के पहले दिन प्रकृति ने बर्फबारी का गिफ्ट दिया है।