जोशियाड़ा झील से रिसाव का पानी जल विद्युत निगम की आवासीय कालोनी के समीप पहुंच गया है। वहीं कालोनी में संचालित हो रहे एक निजी विद्यालय का मैदान भी पानी से भर गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बैराज प्रशासन समय पर बैराज के गेट खोलना भूल गया, जिससे रिसाव हुआ है। वहीं बैराज प्रबंधन का कहना है कि नदी में पानी बढ़ने से झील का स्तर बढ़ा है।
मंगलवार शाम करीब 4 बजे जोशियाड़ा बैराज की झील में रिसाव का पानी जल विद्युत निगम की आवासीय कालोनी के समीप पहुंच गया। कालोनी में संचालित हो रहे एक निजी स्कूल का मैदान झील के पानी में पूरी तरह डूब गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बैराज प्रबंधन निर्धारित समय पर बैराज के गेट खोलना भूल गया। बैराज प्रबंधन अधिकतम उत्पादन के लिए सुबह और शाम को बैराज में निर्धारित समय के लिए पानी रोकता है। वहीं परियोजना के ईई मनोज रावत का कहना है कि मंगलवार को भागीरथी का जल स्तर बढ़ने से झील में पानी बढ़ा था। जिसे तुरंत खाली करा दिया गया था। वर्तमान में अधिकतम 280 मेगावाट उत्पादन हो रहा है।
ज्ञानसू की ओर हो रहा रिसाव का ट्रीटमेंट
जोशियाड़ा झील से पानी के रिसाव की समस्या काफी पुरानी है। पूर्व में ज्ञानसू पुलिस लाइन की ओर भी झील से काफी रिसाव होता रहा है। जिस पर स्थानीय निवासियों ने समस्या को लेकर शासन-प्रशासन से कई बार ज्ञापन भेजने के साथ ही पत्राचार भी किया। स्थानीय निवासियों का कहना था कि यहां भवन निर्माण के लिए नींव की खोदाई के दौरान ही पानी निकलने लगता है। इसके साथ ही भवनों में भी पानी आने की समस्या थी। बैराज प्रशासन यहां रिसाव का ट्रीटमेंट करवा रहा है। वहीं अब जोशियाड़ा की ओर भी रिसाव होने से बैराज प्रशासन के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी।