उत्तरकाशी की सरुप चोटी आरोहण के लिए आईटीबीपी और सेना के संयुक्त दल को रवाना करते सैन्य अधिकारी।
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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को पहली बार सरूप चोटी पर तिरंगा लहराएगा। 6100 मीटर ऊंची इस चोटी पर पहली बार आरोहण के लिए भारतीय सेना व आईटीबीपी का 20 सदस्यीय दल बेस कैंप से रवाना हो गया है।
वास्तविक सीमा रेखा (एलएसी) के करीब स्थित सरूप चोटी सामरिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है। इस चोटी के शिखर से दुश्मन के क्षेत्र में आसानी से नजर रखी जा सकती है। इस चोटी पर पहली बार पर्वतारोहण के लिए दल नेलांग घाटी में स्थित आर्मी बेस कैंप से रवाना हुआ है। दल का नेतृत्व मेजर रविंद्र कर रहे हैं। 9 बिहार रेजीमेंट के कमान अधिकारी कर्नल राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव अभियान के तहत सेना व आईटीबीपी द्वारा दक्षिण मुख शिखर पर चढ़ने का पहली बार प्रयास किया जा रहा है। यह दल करीब 30 किमी पैदल रास्ता तय करने के बाद चोटी के बेस में पहुंचेगा। इसके बाद दो दिन शिखर पर पहुंचने के लिए चढ़ाई शुरू होगी। 15 अगस्त को पर्वतारोहियों का दल चोटी पर तिरंगा फहराएगा।
दूसरी ओर, डीएम मयूर दीक्षित व एसपी मणिकांत मिश्रा ने असम माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के 15 सदस्यीय दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल मांउट जोगिन-1 व माउंट जोगिप-3 पर आरोहण करेगा। स्थानीय ट्रेकिंग एजेंसी माउंट हाई विंग व गढ़वाल हिमालयन ट्रेकिंग माउंटेनियरिंग के माध्यम से यह दल दोनों चोटियों पर 20 दिनों के अंतराल आरोहण करेगा। इस मौके पर माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष जयेंद्र राणा, सचिव मनोज रावत, बलदेव राणा, महावीर रावत, प्रकाश आदि मौजूद थे।