जनपद के स्थापना दिवस पर श्री मां रेणुका संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण समिति ने किया आयोजन
उत्तरकाशी। डुंडा विकास मेले का पांचवां और अंतिम दिन संवेदना समूह के नाम रहा। समूह के कलाकारों ने मंच पर लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। इस अवसर पर कलाकारों ने चैती, वसंत गीतों के साथ गंगा व यमुनाघाटी की लोकसंस्कृति से जुड़े रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।
जनपद के स्थापना दिवस पर श्री मां रेणुका संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण समिति की ओर से आयोजित पांच दिवसीय डुंडा विकास मेले का आयोजन किया गया। बुधवार को मेले के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत कुमार पहुंचे। उन्होंने लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्द्धन के लिए मेला आयोजन को महत्वपूर्ण बताया।
समूह की जय हो गढ़वाल, जय हो कुमाऊं..आदि की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। इस दौरान मंच पर समूह के कलाकारों की प्रस्तुति से पहाड़ की लोक संस्कृति जीवंत होती दिखी। मेला के समापन पर देव डोलियों को भी विदाई दी गई। संवेदना समूह के कलाकारों में अजय नौटियाल, मनवीर रावत, संजय पंवार, देवराज, नितिन आजाद, सुबोध गुसाईं, अंजलि गुसाईं, निखिल शामिल रहे। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष राजदीप परमार, ठाकुर महेंद्रपाल परमार, पंडित गंगाधर, पदम दत्त जोशी, संवेदना समूह के संस्थापक व अध्यक्ष जयप्रकाश राणा आदि रहे।
डुंडा विकास मेले के अंतिम दिन सांस्कृतिक प्रस्तुति देते संवेदना समूह के कलाकार। स्रोत जागरूक पा