चिन्यालीसौड़ में टिहरी बांध झील का जलस्तर घटने से हुए भूधंसाव को देखते लोग।
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टिहरी बांध की झील का जलस्तर घटने से चिन्यालीसौड़ के तटवर्ती क्षेत्रों में भू-धंसाव बढ़ता जा रहा है। बिजल्वाण मोहल्ले के 20 मकानों में दरारें उभर आई हैं। बुधवार को पुनर्वास विभाग की टीम ने भू-धंसाव वाले तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय लोगों ने टीम के समक्ष भी रोष जताया।
टिहरी बांध की झील का जलस्तर 830 पहुंचाने के बाद जैसे-जैसे झील का जल स्तर घटता जा रहा है। वैसे-वैसे झील के समीपवर्ती क्षेत्रों में लगातार भू-धंसाव के चलते क्षेत्र के लोगों में दहशत है। साथ ही टीएचडीसी के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। भू-धंसाव बढ़ने से आर्च ब्रिज से ब्लॉक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय इंटर कॉलेज, राजकीय महाविद्यालय समेत अन्य कई विभागों को जोड़ने वाला जोगथ मोटर मार्ग का लगभग 30 मीटर हिस्सा झील ने अपने आगोश में ले लिया है। इससे विद्यालय के छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रभावित मदनलाल बिजल्वाण ने बताया कि बिजल्वाण मोहल्ले के लगभग 20 मकानों में दरारों के साथ-साथ मकानों के फर्श भी धंसने शुरू हो गए हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष कृष्णा प्रसाद नौटियाल, प्रधान शिवराज बिष्ट, जगवीर, वीरेंद्र मिश्रा, दिगपाल, सुंदर रावत, उपेंद्र ने टीएचडीसी के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए कहा अगर टीएचडीसी द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का सुरक्षा निर्माण कार्य शीघ्र नहीं करवाया जाता है तो प्रभावित क्षेत्र के लोगों के साथ व्यापार मंडल चिन्यालीसौड़ को टीएचडीसी व पुनर्वास विभाग के खिलाफ आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर पुनर्वास विभाग के अधिशासी अभियंता धीरेंद्र सिंह नेगी, प्रबंधक शक्ति प्रसाद चमोली अवर अभियंता पंकज बधानी आदि मौजूद थे।