विकास खंड भटवाड़ी के कुरोली गांव में पांडव लीला का समापन हो गया। इस अवसर पर चक्रव्यूह, कमल व्यूह, गरुड़व्यूह, मकरव्यूह, गैंडा वध व पैंया डाली आदि लीलाओं का मंचन किया, जिसे देखने के लिए गांव में लोगों की भीड़ जुटी रही।
बुधवार को पांडव लीला के समापन पर पहुंची ब्लॉक प्रमुख विनीता रावत ने कहा कि पांडव लीला पहाड़ की पारंपरिक संस्कृति का अभिन्न अंग है। उन्होंने पांडव नृत्य को सहभागिता का प्रतीक बताया। 11 दिन से डेढ़ माह तक चलने वाले धार्मिक आयोजन में गांवों में पहुंचने वाले अतिथियों के रहने और खाने की व्यवस्था ग्रामीणों द्वारा की जाती है। पांडव नृत्य में महाभारत युद्ध की विधाओं के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ मंचन किया जाता है, जिसमें पांडव पश्वा पर अवतरित होकर ढोल दमाऊं की थाप पर 18 तालों पर नृत्य करते हैं। यहां कई गांवों में पांडव नृत्य का मंचन गढ़वाली में होता है। इस मौके पर भाजपा नेता जगमोहन रावत आदि मौजूद रहे।