तांबाखाणी सुरंग के समीप डंप कूड़ा निस्तारण की समस्या के लिए आयोजित महापंचायत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हालांकि महापंचायत के दौरान स्थानीय निवासियों ने तांबाखाणी सुरंग के समीप कूड़ा डंप किए जाने पर कड़ा आक्रोश जताया।
पालिका की ओर से बुधवार को महापंचायत आयोजित की गई थी, जिसमें अधिकारियों, पत्रकारों, स्थानीय निवासियों को आमंत्रित किया गया था। महापंचायत में तांबाखाणी सुरंग के समीप डंप कूड़ा निस्तारण की समस्या के लिए सुझाव मांगे जाने थे। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली महापंचायत अंत तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। हालांकि इस दौरान कूड़े को तांबाखाणी से अन्यत्र ले जाने के लिए लोगों ने सुझाव भी दिए, लेकिन सभी कानून उचित नहीं थे। जिन पर अमल किया जाना संभव नहीं था, जिससे महापंचायत के अंत तक यह निष्कर्ष नहीं निकल पाया कि तांबाखाणी सुरंग के समीप डंप कूड़े को कहां डाला जाए। कई बार स्थानीय निवासियों की पालिका प्रशासन से तीखी नोकझोंक भी हुई। डीएम डीएम अभिषेक रूहेला ने पालिका को कूड़ा एकत्रीकरण की व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। वहीं स्थानीय निवासी अमेरिकन पुरी ने तांबाखाणी सुरंग से कूड़ा निस्तारित न किए जाने पर एक जुलाई से अनशन की चेतावनी दी है।
महापंचायत में एडीएम तीर्थपाल सिंह, एसडीएम सीएस चौहान, एसीएमओ डा. विनोद कुकरेती, पूर्व पालिका अध्यक्ष सुधा गुप्ता, व्यापार सभा अध्यक्ष रमेश चौहान आदि मौजूद थे।
गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग नहीं हुआ तो होगा चालान
पालिका अध्यक्ष रमेश सेमवाल ने कहा कि सभी लोग घरों का सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करने के बाद ही कूड़ा उठाने वाले कर्मी को दें। यदि किसी भवन स्वामी ने ऐसा नहीं किया, तो पालिका उस भवन से कूड़ा नहीं लेगी। साथ ही चालान भी करेगी।