मुना नदी में इस तरह डंप किया जा रहा सड़क कटिंग का मलबा।
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यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण का मलबा सीधे यमुना नदी में उड़ेला जा रहा है। इससे नदी का प्रवाह बदलने से ग्रामीणों की भूमि, भवनों व झूला पुल को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को पत्र भेज इस संबंध में हस्तक्षेप कर सुरक्षात्मक कार्य करवाने की मांग की है।
इन दिनों यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था चौड़ीकरण के मलबे को चयनित स्थानों पर बने डंपिंग जोन में एकत्र करने के बजाय सीधे यमुना नदी में उड़ेल रही है। नगाण गांव प्रधान कल्पना चौहान ने बताया कि खरादी से पहले हो रहे चौड़ीकरण के मलबे को सीधे यमुना में उड़ेला जा रहा है। इससे यमुना का प्रवाह बदल गया है। प्रवाह बदलने से नगाण गांव के ग्रामीणों की भूमि, आवासीय भवन, गोशालाएं व झूला पुल खतरे की जद में आ गया है। प्रधान कल्पना ने कहा कि इस संबंध में कई बार कार्यदायी संस्था से शिकायत भी की गई है लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। कल्पना चौहान ने एसडीएम चतर सिंह चौहान को पत्र सौंपकर उक्त संबंध में कार्रवाई करने के साथ ही भवनों व गोशालाओं के लिए सुरक्षात्मक कार्य करवाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो हाईवे चौड़ीकरण का काम रुकवा दिया जाएगा।