हाल में इस ट्रेक का जीर्णोद्धार कर 136 मीटर लंबे व 1.8 मीटर चौड़े लकड़ी से निर्मित सीढ़ीदार ट्रेक तैयार किया गया है, जिसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। पर्यटकों व ट्रेक की सुरक्षा के लिए एक बार में अधिकतम 10 लोग ही जा सकेंगे। ट्रेक में झुंड बनाकर आवागमन करने या एक जगह बैठने पर भी पाबंदी होगी। सुरक्षा के दृष्टिगत ट्रेक की रेलिंग से नीचे झांकने पर भी पाबंदी लगाई गई है।
कैसे पहुंचें गर्तांग गली
देहरादून तक ट्रेन व वायुमार्ग तक आने की सुविधा है। निकटतम रेलवे स्टेशन ऋषिकेश है जो उत्तरकाशी से करीब 100 किमी की दूरी पर है। यहां से सड़क मार्ग से होते हुए उत्तरकाशी जिला मुख्यालय तक पहुंचना होगा। राज्य परिवहन की बसे नियमित रूप से उत्तरकाशी और ऋषिकेश के बीच चलती हैं। उत्तरकाशी से लंका पुल तक करीब 88 किमी तक सड़क मार्ग का सफर है। लंका पुल से करीब एक किमी पैदल ट्रेक के बाद गर्तांग गली शुरू होती है।
पर्यटकों के लिए खोली जाए जादूंग वैली : महाराज
पर्यटन एंव संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तरकाशी जिले में जादूंग वैली को पर्यटकों के लिए खोला जाना चाहिए। इससे जहां राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। बुधवार को महाराज ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट कर जादूंग वैली को पर्यटकों लिए खोलने की मांग उठाई।
महाराज ने केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से उनके नई दिल्ली स्थित कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। महाराज ने अवगत कराया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान सुरक्षा कारणों के चलते खाली कराए गए जादूंग वैली पर्यटन के लिए बंद है। यह वैली नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। इस वैली को पर्यटन के लिए खोलने से जादूंग गांव के लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। साथ ही पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से सीमांत गांव आबाद होंगे। केंद्रीय मंत्री ने महाराज से इस संबंध में शीघ्र प्रस्ताव बना कर भेजने को कहा। जिस पर विचार किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री महाराज ने हरिद्वार में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण में सहयोग के लिए केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया। उन्होंने सुझाव दिया कि डीआरडीओ के वैज्ञानिक ऐसे नकाब या हेलमेट बनाएं। जिससे कोविड महामारी मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं रहेगी। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि इस सुझाव पर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को निश्चित रूप से काम सौंपा जाएगा। उत्तराखंड में सेना में भर्ती के विषय में चर्चा करते हुए महाराज ने सेना में महिलाओं की भर्ती होनी चाहिए। इसके लिए देहरादून व हल्द्वानी में शीघ्र ही भर्ती कैंप लगाने की मांग रखी है।