जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर शुक्ला की अदालत ने जानलेवा हमले के अभियुक्त को चार साल के सश्रम कारावास व 20 हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड नहीं चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। साथ ही अभियुक्त आर्म्स एक्ट के तहत भी दोषी पाया गया है, जिसमें छह माह के सश्रम कारावास व एक हजार का अर्थदंड लगाया गया है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
विकासखंड मोरी की राजस्व पुलिस चौकी गडूगाड में मारपीट व जान से मारने के प्रयास में हिमाचल निवासी बलवान सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस संबंध में 1 जनवरी 2015 को राजस्व पुलिस चौकी गडूगाड में स्थानीय निवासी जगत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में जगत सिंह ने बताया था कि हिमाचल निवासी बलवान सिंह ने उनके क्षेत्र में सेब के बगीचे ठेके पर लिए थे। किसी बात पर कहासुनी होने के दौरान बलवान सिंह ने उसके चाचा राजेंद्र सिंह व प्रताप सिंह से मारपीट की और जान से मारने के प्रयास में लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली चलाई। जिसमें प्रताप सिंह व राजेंद्र सिंह घायल हो गए। मामले में राजस्व पुलिस ने 2 मई 2015 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पूनम सिंह ने बताया कि बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर शुक्ला की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने अभियुक्त को दोषी पाते हुए 4 वर्ष का सश्रम कारावास व 20 हजार अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड न भुगतने पर एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अभियुक्त को आर्म्स एक्ट में भी छह माह का सश्रम कारावास व एक हजार अर्थदंड लगाया गया है।