द्वारिका इस्कॉन के उपाध्यक्ष और मोटिवेशनल स्पीकर अमोघ लीला दास ने रविवार को हनुमान मंदिर में अपने भक्तों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महान व्यक्ति की संगति में आकर हम वह प्राप्त कर सकते हैं जो आसानी से उपलब्ध न हो।
रविवार को हनुमान मंदिर प्रांगण में प्रवचन में लीला दास ने कहा कि एक चींटी चांद को नहीं छू सकती लेकिन चींटी यदि भगवान शिव की मूर्ति पर हो तो चांद को छू सकती है। इसका आशय है कि एक महान व्यक्ति की संगत में आकर हम वह प्राप्त कर सकते हैं जो हम आसानी से प्राप्त नहीं कर सकते। कहा कि आध्यात्मिक शिक्षा के लिए भी गुरु की आवश्यकता होती है। कलयुग में भगवान का नाम जपकर ही जीवन का उद्धार संभव है। धर्म में आस्था रखने वालों की संख्या पूरे विश्व में भारत में सर्वाधिक है। इस मौके पर उन्होंने हरी कृष्ण का नाम जपने के लिए श्रद्धालुओं को मालाएं भेंट कीं। संवाद