यमुनाघाटी के किसानों की दो दशक से चली आ रही मंडी समिति की मांग अब पूरी होने जा रही है। नौगांव के लिए 934.05 लाख की लागत से स्वीकृत मंडी समिति का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक नवंबर को शिलान्यास करेंगे।
उत्तराखंड राज्य बनने के बाद से ही यमुनाघाटी घाटी के किसान क्षेत्र में मंडी खोलने की मांग करते आ रहे हैं। किसानों की पीड़ा को समझते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने यमुनाघाटी के केंद्र बिंदु नौगांव के लिए वर्ष 2017 में मंडी समिति की घोषणा की थी। घोषणा पर अमल करते हुए नौगांव के सौली कस्बे में खाली पड़ी उद्यान विभाग की 0.546 हेक्टेयर भूमि को चिह्नित कर उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के नाम हस्तांतरित कर दिया था। रवाईं घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक एसोसिएशन के अध्यक्ष जगमोहन सिंह चंद का कहना है कि मंडी खुलने से किसानों को लाभ मिलेगा। किसानों को फसल का सही दाम मिलने के साथ बिचौलियों की मार से भी छुटकारा मिलेगा। स्थानीय मंडी की सुविधा मिलने से किसान बड़े स्तर पर नकदी फसलों का उत्पादन करेंगे।