फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुरोला में ढोल दमाऊं के साथ किया चक्का जाम

विज्ञापन
पुरोला तिराहे पर सांकेतिक जाम लगाते रंवाई जिला संघर्ष समिति के सदस्य। - फोटो : UTTER KASHI
विज्ञापन
विधानसभा के मानसून सत्र में चर्चा के संभावित मुद्दों में यमुनोत्री जनपद का उल्लेख नहीं किए जाने पर स्थानीय निवासियों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। विरोध स्वरूप स्थानीय निवासियों ने रर्वाइं जिला संघर्ष समिति के बैनर तले पुरोला तिराहे पर सांकेतिक चक्का जाम किया।
विज्ञापन

सोमवार को रवाईं घाटी के स्थानीय निवासियों ने रवाईं जिला संघर्ष समिति के बैनर तले पुरोला तिराहे पर ढोल दमाऊं के साथ सांकेतिक चक्का जाम किया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रकाश कुमार ने कहा कि यमुनोत्री जनपद व पुरोला को जनपद मुख्यालय बनाने के लिए स्थानीय निवासियों ने जनांदोलन किया था। कई महीनों तक तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन भी किया गया था। 10 साल पहले यमुनोत्री जनपद बनाए जाने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ने की थी, लेकिन आज तक घोषित जनपद अस्तित्व में नहीं आए हैं। विधानसभा सत्र के दौरान चर्चा के संभावित मुद्दों में भी इसे शामिल नहीं किया गया है। अध्यक्ष प्रकाश कुमार ने कहा कि पूर्व में एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेज विधानसभा सत्र के पहले दिन पुुरोला तिराहे पर चक्का जाम की चेतावनी दी गई थी। सांकेतिक जाम करने वालों में हरीश, अमन, प्रदीप, नवीन, जगदीश, अजय भारती, राजेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
जिला निर्माण की मांग के लिए मशाल जुलूस आज
बड़कोट। वर्ष 2011 में घोषित जनपदों को अस्तित्व में लाने के लिए 24 अगस्त (आज) मशाल जुलूस निकाला जाएगा। संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति का कहना है कि 10 साल बाद भी इन जनपदों को अस्तित्व में नहीं लाया गया है। संयुक्त जनपद (घोषित) संघर्ष समिति के अध्यक्ष अब्बल चंद कुमाईं ने बताया कि अब आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक घोषित जनपदों को अस्तित्व में नहीं लाया जाता आंदोलन जारी रहेगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें