मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति की मांग करते हुए मिनी आंगनबाड़ी सहायिका ने भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। उक्त महिला एक सप्ताह से बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में धरने पर बैठी है। सहायिका का आरोप है कि वह 20 साल से सहायिका के पद पर कार्यरत है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री पद रिक्त होने पर उसने आवेदन किया था लेकिन वहां अन्य महिला की नियुक्ति कर दी गई। वहीं बाल विकास विभाग का कहना है कि पात्रता के आधार पर नियुक्ति हुई है।
वर्ष 2019 में डंडाल गांव में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्री का पद रिक्त हुआ था। इसपर विभाग की ओर से अगस्त 2020 में विज्ञप्ति जारी की गई। डंडाल गांव निवासी कृष्णा रावत ने बताया कि मिनी आंगनबाड़ी केंद्र में वह 20 साल से सहायिका के पद पर कार्यरत है। रिक्त पद के लिए उसने भी आवेदन किया था लेकिन चयन समिति ने दूसरी महिला का चयन किया है जबकि नियमानुसार उसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी। कृष्णा ने कहा कि यदि उसे कार्यकत्री के पद पर नियुक्ति नहीं दी गई तो वह बाल विकास परियोजना कार्यालय परिसर में अनशन करेगी। कृष्णा एक सप्ताह से धरने पर बैठी है। वहीं बाल विकास परियोजना अधिकारी भारती भंडारी का कहना है कि पात्र महिला को नियमानुसार चयन कर नियुक्ति दी गई है। उम्र सीमा ज्यादा होने पर सहायिका का चयन नहीं हो पाया है।