जनपद के सेब काश्तकार बर्फबारी का इंतजार कर रहे हैं। दिसंबर बीतने वाला है, लेकिन अभी तक पर्याप्त बर्फबारी नहीं हुई है। कृषि विशेषज्ञों का भी कहना है कि यदि एक-दो दिन के भीतर बर्फबारी नहीं हुई, तो इसका प्रभाव सेब की फसल पर पड़ेगा।
सेब काश्तकार मोहन सिंह राणा ने कहा कि सेब की अच्छी फसल के लिए दिसंबर में एक बार बर्फबारी जरूरी है। कृषि वैज्ञानिक पंकज नौटियाल ने बताया कि सेब के उत्पादन के लिए शीतमान तापमान का समय 15 जनवरी से मार्च तक होता है। इस दौरान सात डिग्री सेल्सियस से कम का तापमान होना चाहिए। नौटियाल ने कहा कि यदि एक-दो दिनों के भीतर बर्फबारी नहीं हुई, तो शीतमान तापमान बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। जिससे सेब की फसल पर प्रभाव पड़ेगा। उद्यान विशेषज्ञ नीरज बलूनी ने कहा की दिसंबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है, लेकिन अभी तक बर्फबारी न होने से जड़ी-बूटी कृषिकरण का कार्य कर रहे किसानों की जड़ीबूटियों पर भी असर दिखेगा। उच्च हिमालय की जड़ीबूटियां जमीन के भीतर होती है, उनकी शीतलता को बढ़ाने के लिए बर्फबारी का होना अति आवश्यक है। बर्फबारी न होने से जड़ीबूटी में रसायन की मात्रा का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।