फैक्ट्री प्रबंधन और कथित ठेकेदारों की भूमिका पर भी उठे सवालिया निशान
गदरपुर में भारी मात्रा में पकड़ी गई अंग्रेजी शराब के पीछे फैक्ट्री प्रबंधन और कथित ठेकेदारों की भूमिका पर भी सवालिया निशान उठ खड़े हुए हैं। अंग्रेजी शराब की 745 पेटी लेकर चला कैंटर राजस्थान जाने के लिए निकला था। निर्धारित रूट के बजाय कैंटर रामपुर की ओर जा रहा था। पुलिस ने कैंटर को उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित सकैनिया चौकी के चौराहे पर पकड़कर जब तलाशी ली तो उसके अंदर अंग्रेजी शराब की पेटियां देख सभी दंग रह गए।
किसकी शराब है, ये अभी तक नहीं चला पता
गदरपुर एक करोड़ कीमत की अंग्रेजी शराब मिलने के बाद सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि पुलिस के पास किसी भी व्यक्ति का न तो फोन आया और न ही किसी ने अभी तक जानकारी लेने का प्रयास किया। महज कैंटर के चालक और हेल्पर के जानकार लोगों ने पुलिस से मुलाकात की। अंग्रेजी शराब का मालिक कौन है, इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस के एक उच्च अधिकारी का कहना था कि अगर पुलिस छोटे-मोटे मामले में हाथ डालती हैं, तो मोबाइल फोनों की घंटियां बजने लगती हैं लेकिन इस मामले में पुलिस को ऐसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ा।