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ऊधम सिंह नगर की नौ सीटों पर करेंगे जीत फतेह : रावत

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देहरादून में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कराते पूर्व सीएम हरीश - फोटो : SITARGANJ
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यामीन अंसारी
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सितारगंज। सुरेश गंगवार और उनकी जिला पंचायत अध्यक्ष पत्नी रेनू गंगवार और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व राज्यमंत्री ईश्वरी प्रसाद गंगवार की घर वापसी से कांग्रेसी गदगद हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का तो यहां तक कहना है कि ऊधमसिंह नगर की नौ की नौ सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज करेगी। हरदा के इस आत्मविश्वास के पीछे गंगवार परिवार का क्षेत्र में सियासी वर्चस्व होना है। राज्य गठन के बाद से रुद्रपुर जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट गंगवार परिवार के पास ही रही है।
पिछले बुधवार को बरा गांव स्थित अपने आवास पर सुरेश गंगवार ने प्रेसवार्ता करके केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सलाहकार समिति से इस्तीफा देने और भाजपा छोड़ने की घोषणा की थी। तबसे उनके कांग्रेस में जाने के कयास लगाए जा रहे थे और यह कयास सोमवार 27 दिसंबर को सही साबित हुआ। सोमवार को सुरेश गंगवार और उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू गंगवार ने देहरादून कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में 24 जिला पंचायत सदस्यों, 24 प्रधानों, पूर्व प्रधान और बीडीसी सदस्यों समेत करीब दो सौ समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ली। तराई में पिछड़ी जातियों के मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। ऐसे में पहले यशपाल आर्य और अब गंगवार परिवार की कांग्रेस में वापसी से कांग्रेस का पलड़ा भारी हो गया है।
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ऊधम सिंह नगर जिले में गंगवार परिवार का लंबा सियासी इतिहास रहा है। बरेली के रूहेलखंड विवि के छात्र संघ अध्यक्ष बनकर सुरेश गंगवार ने अपना सियासी सफर शुरू किया और आज तराई में उनकी अपनी पहचान है। उत्तराखंड गठन के बाद अभी तक चार बार के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर गंगवार परिवार का ही कब्जा रहा है। दो बार मां स्वर्गीय सुशीला गंगवार तो एक बार पिता ईश्वरी प्रसाद गंगवार अध्यक्ष रहे। अब उनकी पत्नी रेनू गंगवार अध्यक्ष हैं। सुरेश गंगवार को 2019 में केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सलाहकार समिति में उन्हें सदस्य बनाया गया। इससे पहले वह कांग्रेस राज में ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति, उत्तराखंड के सदस्य नामित हुए थे।
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केंद्रीय इस्पात मंत्रालय में इस्पात उपभोक्ता परिषद के सदस्य, नागरिक उड्डयन मंत्रालय की नामित हवाई अड्डा सलाहकार समिति में लखनऊ चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सदस्य, दूरसंचार सलाहकार समिति उत्तराखंड के सदस्य रह चुके हैं। इसके अलावा सुरेश गंगवार ने भारतीय पंचायत परिषद उत्तराखंड के अध्यक्ष, अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय पिछड़ा महासभा के अध्यक्ष, शनिदेवा मत्स्य जीवी सहकारी समिति बरा के अध्यक्ष, रामप्रसाद कुंदन लाल एजूकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी बरा के अध्यक्ष का पद भी संभाला। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, जिला योजना समिति के सदस्य पद पर भी हैं। 2004 में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष, 2015 में प्रदेश सचिव रहे। 2012 में कांग्रेस के टिकट पर सितारगंज विधानसभा चुनाव लड़ा। लेकिन भाजपा ने बंगाली कार्ड खेलते हुए शक्तिफार्म किरन मंडल को मैदान में उतार दिया। उस दौरान बंगाली फैक्टर की वजह से सुरेश विधायक बनने से चूक गए थे। हालांकि, चुनाव में उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा था।
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