सितारगंज गोठा गांव में दलितों के उत्पीड़न के खिलाफ मौन धरने पर बैठे पूर्व सीएम हरीश रावत, पूर्व क?
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सितारगंज। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत न कहा कि कांग्रेस असहाय, कमजोर और निर्धन वर्ग की आवाज है। उन्होंने दलित समाज पर हुए अत्याचार पर दुख जताया। कहा कि कांग्रेस की सरकार आते ही मुकदमे वापस लिए जाएंगे और अत्याचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की।
सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे पूर्व सीएम रावत और पूर्व कैबिनेट मंत्री आर्य का काफिला लौका गोठा गांव पहुंचा। यहां उन्होंने दलित समाज के उत्पीड़न के विरोध में शाम 6:40 बजे से 7:40 बजे तक मौन व्रत रखकर धरना दिया। करीब एक घंटे तक मौन उपवास के बाद रघुपति राघव राजाराम गीत के साथ मौन व्रत तोड़ा। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि एससी एसटी समाज को प्रताड़ित किया गया। आज पीड़ित पक्ष सत्ता व उसके अहंकार से संघर्ष कर रहा है। कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ है, उसकी लड़ाई को लड़ा जाएगा। न्याय दिलाकर रहेंगे। कांग्रेस सरकार आने पर मुकदमे वापस लिए जाएंगे और प्रताड़ित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने कहा कि गोठा की घटना दुस्साहस और अपराध है। इस अपराध की जितनी निंदा की जाए, वो कम है। सतेंद्र के साहस को सलाम है, उन्होंने जुल्म सहे हैं। उनके साथ घटित घटना अक्षम्य है। इस दौरान धरने पर पीड़ित सतेंद्र ने घटना भी बयां की। कहा कि गांव व समाज की समस्याओं को उठाया तो उसे सताया गया। संचालन पूर्व विधायक नारायण पाल ने किया। वहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश गंगवार, प्रदेश सचिव नवतेज पाल सिंह, भुवन चंद्र भट्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष कांता प्रसाद सागर, हाजी अनवार अहमद, हरपाल सिंह, फकीर सिंह कन्याल, विपिन खोलिया, हसनैन मलिक, मंजू तिवारी आदि थे।