सुल्तानपुर पट्टी में पुल के पास होता मिट्टी का कटाव।
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बारिश से कोसी नदी में हुए बेतरतीब खनन की कलई खुल गई हैं। खनन सामग्री निकालने के लिए गहरे गड्ढ़े खोदे जाने से कोसी नदी के पुल का एक हिस्सा धंस गया। इससे कोसी नदी के पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है। हादसे की आशंका को देखते हुए हाइवे पर यातायात वनवे करना पड़ा। जेसीबी की मदद से सीमेंट की बैरिकेटिंग लगाकर स्थिति को काबू किया गया।
कोसी नदी में पानी के तेज बहाव के चलते राष्ट्रीय राज्यमार्ग हाईवे पर बने कोसी पुल की एक साइड धंसने की सूचना से प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों में खलबली मच गई। वहां मौजूद पीएनसी कंपनी के इंजीनियरों ने जेसीबी की मदद से पिंचिंग कार्य तेज किया। सूचना पर एसपी प्रमोद कुमार और आईटीआई थाना इंचार्ज विद्यादत्त जोशी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने हाईवे पर एक ओर यातायात रुकवा दिया।
जलस्तर बढ़ने नेशनल हाईवे-74 पर नवनिर्मित पुल की एक साइड से मिट्टी और रोड़ी खिसकने लगी। पुल के नीचे से सामग्री खिसकने से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। पीएनसी कंपनी के कर्मचारी व इंजीनियरों ने सीमेंट की मोटी बैरिकेडिंग को जेसीबी की मदद से उठाकर पुल के नीचे लगाना शुरू कर दिया। एसडीएम आकांक्षा वर्मा ने बताया कि पुल के पास अधिक मात्रा में खनन होने से गहरे गड्ढ़े बन गए हैं। जिसके चलते पुल की एक साइड धंस गई।
पुल के नीचे पीचिंग कर स्थिति पर काबू पा लिया गया है। वरिष्ठ अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि कोसी नदी में अधिक पानी होने के कारण पुल के किनारे मिट्टी खिसकने लगी थी। लेकिन सीमेंट की बैरिकेडिंग लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। फिलहाल पुल को कोई खतरा नहीं है। एसपी प्रमोद कुमार ने बताया कि आईटीआई पुलिस की मदद से ट्रैफिक को कंट्रोल किया गया है। अभी भी मौके पर काम चल रहा है।
चकबंदी न्यायालय विश्राम गृह में शिफ्ट
-बारिश से चकबंदी न्यायालय भवन को खतरा पैदा हो गया। अधिकारी व कर्मचारियों ने खतरे को भांपते हुए सूचना एसडीएम आकांक्षा वर्मा को दी। एसडीएम के आदेश पर चकबंदी न्यायालय को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। अब चकबंदी न्यायालय सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में चला करेगा।
सुल्तानपुर पट्टी में पुल के नीचे भूस्खलन शुरू हो गया जिससे पुल को खतरा हो गया।- फोटो : KASHIPUR