फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

वायरल ऑडियो पर गरमाई सियासत: दस साल पुराने मामले में केस दर्ज हुए तो इसमें क्यों नहीं, जानिए क्या बोले विधायक

Sat, 29 Jun 2024 11:32 AM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर

सार

पंतनगर थाने के एसएचओ के वायरल ऑडियो से सियासत गर्मा गई है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने एसएचओं के आचरण की निंदा करते हुए एक साल बाद ऑडियो के वायरल होने को चौंकाने वाला बताया। खबर में जानिए क्या बोले विधायक?
विज्ञापन
तिलकराज बेहड़ - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंतनगर थाने के एसएचओ के वायरल ऑडियो से सियासत गर्मा गई है। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने एसएचओं के आचरण की निंदा करते हुए एक साल बाद ऑडियो के वायरल होने को चौंकाने वाला बताया। कांग्रेस नेता और किच्छा विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि जब दस साल पुराने मामलों में तक एफआईआर दर्ज हुई हैं तो अब तक एसएचओ पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई है। शुक्रवार को अपने आवास पर पत्रकार वार्ता में बेहड़ ने मामले में राजनीति के बजाय कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अश्लील ऑडियो अधूरा होने की बात कही जा रही है। ऑडियो अधूरा है या पूरा है, इसकी जांच होनी चाहिए। जांच में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन पीड़िता से अश्लील बातें की गई हैं।

विज्ञापन


पीड़िता की ओर से उपलब्ध कराया ऑडियो ही डीजीपी को दिया था। कहा कि ऐसे मामलों में विधायक, सांसद और बड़े-बड़े लोग जेल जा सकते हैं तो एसएचओ को बचाने का खेल क्यों रचा जा रहा है।

ये पढ़ें- Rudrapur: पंतनगर का इश्कबाज SHO निलंबित, अश्लील ऑडियो वायरल होने पर हुई कार्रवाई; जानें पूरा मामला
विज्ञापन


पूर्व विधायक ने एसएचओ के आचरण की निंदा कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की
किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से पुलिस विभाग के साथ ही शासन की छवि धूमिल हो रही है। एक जिम्मेदार पद पर चैते एसएचओ का आचरण निंदनीय है। इस घटना से पंतनगर और आसपास के लोगों में आक्रोश है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच ही। जांच प्रभावित न ही, इसके लिए एसएचओ को निलंबित किया जाए। कहा कि यह मामला एक वर्ष पुराना है। अचानक एक साल बाद इंस्पेक्टर की अश्लील ऑडियो का वायरल होना चौंकाने वाला है। इस मामले में सभी पहलुओं पर विस्तृत जांच की जाए। यहां राजेश तिवारी, धीरेंद्र मिश्रा, मोहन तिवारी, मनीष शुक्ला, सनी शुक्ला, दलजीत खुराना, बंटी खुराना, चंद्रसेन कोली, सत्य प्रकाश कोली आदि मौजूद रहे।

बेमियादी धरने की दी चेतावनी
किच्छा विधायक ने कहा कि शिकायती पत्र पर डीजीपी ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने और निलंबन के आदेश किए थे। लेकिन इस आदेश को रोकने वाला कौन है। पीड़िता जब चाहेगी तो प्रमाण सामने रख सकती है। चेताया कि अगर पुलिस राजनीति करना चाहती है तो वह इसके लिए तैयार हैं। अगर एक दो दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा राजनीतिक कदम उठाएंगे और हजारों लोगों के साथ एसएसपी कार्यालय का घेराव कर बेमियादी धरने पर बैठेंगे। 
विज्ञापन


पूर्व विधायक के आने की सूचना पुलिस मीडिया ग्रुप में देना गंभीर
विधायक तिलकराज बेहड़ ने कहा कि पुलिस के मीडिया ग्रुप पर इस मामले में पूर्व विधायक के एसएसपी कार्यालय में आने की सूचना पत्रकारों के लिए प्रसारित की गई थी। किसी जनप्रतिनिधि के मिलने की सूचना पहली बार पुलिस के ग्रुप में प्रसारित की गई है। यह पुलिस रेगुलेशन के खिलाफ है। कहा कि इस सूचना का स्क्रीन शॉट डीजीपी को भेजने के साथ ही लिखित शिकायत की है। उन्होंने डीजीपी से एसएचओ पर केस दर्ज करने और पुलिस मीडिया ग्रुप में सूचना प्रसारित करने के मामले में कार्रवाई की मांग की है।



विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें