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क्रेन व्यापारी जनकराज हत्याकांड में दो को उम्रकैद

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रुद्रपुर। क्रेन व्यापारी जनकराज हत्याकांड में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला की कोर्ट ने दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। हत्याकांड दो अक्तूबर 2012 को हुआ था।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने बताया कि इंदिरा चौक स्थित पत्थरचट्टा बिल्डिंग निवासी गुगा लाल ने दो अक्तूबर 2012 की देर रात रुद्रपुर कोतवाली में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि वह शाम करीब आठ बजे अपने पिता जनकराज को खाना देने के लिए किच्छा बाईपास स्थित सिंगला एग्रो इंडस्ट्रीज गए थे। खाना देने के बाद वह पहली मंजिल पर रह रहे क्रेन ऑपरेटर त्रिलोक यादव से बातें कर रहे थे। आधे घंटे बाद उन्हें पिता के चीखने की आवाज सुनाई दी तो वह नीचे आए। वहां देखा कि तीन लोग उनके पिता जनकराज के पेट और गर्दन पर वार कर रहे थे। उन्होंने पिता को बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने गोली मारने की धमकी दी। वह बचाव के लिए चीखने लगे। इसके बाद स्टाफ के लोग आ गए।
हमलावर भागने लगे तो उन्होंने एक हमलावर को दबोच लिया। वह घायल पिता को लेकर अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पकड़े गए मुनेश निवासी ग्राम इशानपुर मुरादाबाद (यूपी) को पुलिस के हवाले कर दिया। उसने अपने साथियों के नाम मोहित निवासी ग्राम लतीफपुर मुरादाबाद और जितेंद्र निवासी ग्राम नटवारी मढैया, संभल यूपी बताया। पुलिस ने दोनों को भी दूसरे दिन गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर लूटा गया सामान, नगदी और चाकू बरामद कर लिए। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनी शुक्ला के न्यायालय में मुकदमा चला। एडीजीसी लक्ष्मी नारायण पटवा ने 11 गवाह पेश किए। न्यायाधीश रजनी शुक्ला ने मोहित को आजीवन कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मुनेश को भी आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जितेंद्र को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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