फोटो केलाखेड़ा के गांव बरवाला में लोहे के फंदे में फंसे तेंदुए को रेस्क्यू कर पकड़ा।
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केलाखेड़ा। गांव बरवाला स्थित एक खेत किनारे लोहे के फंदे में मादा तेंदुआ फंस गई। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की मौके पर भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम भी पहुंची और उसे फंदे से निकालने के बाद सुरक्षित हल्द्वानी के रानीबाग स्थिति सेंटर में इलाज के लिए भेजा गया।
सोमवार सुबह गांव बरवाला के एक खेत किनारे लोहे के फंदे (शिकंजा) में फंसी मादा तेंदुआ को एक ग्रामीण ने देखा। सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
प्रधान जगदीश सिंह की सूचना पर एसओ बीसी जोशी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों को तेंदुए के पास जाने से रोका। इस बीच बरहैनी रेंजर रूपनारायण गौतम, डॉ. आयुष उनियाल सहित जंगलात टीम मौके पर पहुंची। जंगलात टीम ने करीब डेढ़ घंटे रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान जंगलात टीम ने ट्रैक्यूलाइजर गन की मदद से तेंदुए को बेहोश किया। इसके बाद जंगलात टीम तेंदुए को पिंजरे में डालकर ले गई।
रेंजर ने बताया कि लोहे के फंदे में फंसने से तेंदुआ गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। रेंजर ने पकड़े गए मादा तेंदुए की उम्र करीब पांच साल बताई हैै। इलाज के बाद तेंदुए को जंगल में छोड़ा जाएगा। रेंजर ने बताया कि खेत में लोहे का फंदा लगाने के मामले में खेत स्वामी से पूछताछ की जाएगी। फंदा लगाने वाले की पुष्टि होने पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इधर ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेंदुए के दो शावक देेखे जाने की बात कही है। वहां रुद्रपुर के रेंजर बीएस कैड़ा, वन दरोगा आशुतोष आर्य आदि थे।