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गुरुग्राम के जिला पंचायत सदस्य आचार्य को मिली हाईकोर्ट से राहत

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सितारगंज। वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर जांच के बाद पद से सदस्यता समाप्त कर हटाए गए गुरुग्राम के जिला पंचायत सदस्य उत्तम आचार्य को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट के आदेश पर पंचायती राज निदेशक ने डीएम को पत्र लिखकर उनके हटने के बाद खाली हुए पद पर 27 जून को होने वाले मतदान को स्थगित करने का आग्रह किया है।
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वर्ष 2019 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गुरुग्राम सीट से जिला पंचायत सदस्य पद पर आचार्य कालोनी निवासी उत्तम आचार्य ने गुरुग्राम गांव निवासी निमाई चंद्र मंडल को हराया था। चुनाव हारने के बाद निमाई ने उत्तम पर वन भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी समेत पंचायती राज निदेशालय में शिकायत दर्ज कराई थी। आचार्य की जिला पंचायत सदस्य पद से सदस्यता समाप्त किए जाने की मांग की थी।
इसके बाद मार्च 2021 में एसडीएम किच्छा एवं वन विभाग की संयुक्त टीम ने शिकायत की स्थलीय जांच कर डीएम को रिपोर्ट भेजी थी। डीएम को भेजी जांच आख्या में टीम ने आचार्य का आवास वन भूमि में स्थित होना बताया था। वन विभाग की अतिक्रमणकारियों की सूची में भी उनका नाम दर्ज होना बताया गया था। बीते छह मई को निदेशक बंशीधर तिवारी ने राज्य पंचायती राज अधिनियम 2019 की धारा 138 के तहत उत्तम आचार्य को पद से हटाए जाने का आदेश पारित किया था। इसके बाद पद खाली हो गया था और 27 जून इस सीट पर मतदान होना था।
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उत्तम आचार्य ने पंचायती राज निदेशालय व शासन के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 23 जून को हाईकोर्ट ने पंचायती राज निदेशक के उत्तम आचार्य की सदस्यता समाप्त करने के आदेश को खारिज कर दिया। निदेशक तिवारी ने जिले के डीएम को पत्र लिखकर कहा कि उच्च न्यायालय ने निदेशालय के पूर्व आदेश को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद उत्तम आचार्य जिला पंचायत सदस्य गुरुग्राम के पद पर बने रहेंगे। इससे अब यह पद रिक्त नहीं माना जाएगा। उन्होंने संवैधानिक संकट को रोकने के लिए हाईकोर्ट के 23 जून के आदेश के तहत 27 जून को प्रस्तावित उपचुनाव की कार्रवाई स्थगित करने का आग्रह किया है।
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