रुद्रपुर में कन्याओं का पूजन करतीं महिलाएं।
- फोटो : RUDRAPUR
नवरात्र पर बुधवार को अष्टमी में लोगों ने अपने घरों और मंदिरों में कन्या पूजन किया। कन्याओं के पैर धोकर उन्हें हलवा-पूरी का भोग लगाया। बृहस्पतिवार को अधिकतर नवमी के दिन भक्त कन्या पूजन करेंगे।
शारदीय नवरात्र पर सुबह विधि विधान से मां का पूजन कर मनोकामनाएं मांगीं। इसके बाद कन्याओं का घरों व मंदिरों में पूजन किया। अष्टमी व नवमी में दो वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की बालिकाओं का अधिक महत्व होता है। इधर, शहर में अष्टमी के दिन लक्ष्मी नारायण मंदिर, दुर्गा मंदिर, प्राचीन अटरिया मंदिर, दूधिया मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर आदि में भी भक्तों ने कन्या पूजन किया। ज्योतिषचार्य मंजू जोशी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार एक वर्ष से छोटी कन्याओं की पूजा नहीं करनी चाहिए। दरअसल एक वर्ष से कम उम्र की कन्याएं प्रसाद ग्रहण नहीं कर पाती हैं।
खटीमा में कन्या पूजन के बाद उपहार के साथ प्रसन्न मुद्रा में कन्याएं।- फोटो : KHATIMA