हल्द्वानी के मुखानी थाने में साइबर पुलिस टीम की गिरफ्त में ठग।
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रुद्रपुर। साइबर क्राइम थाना कुमाऊं की टीम ने कस्टम ड्यूटी के नाम पर सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी से 19 लाख रुपये ठगने वाले दो शातिर साइबर ठगों को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चार मोबाइल, 25 डेबिट कार्ड और 114 बैंक पासबुक बरामद की हैं। साथ ही साइबर ठगों के एक बैंक खाते में जमा साढ़े तीन लाख रुपये सीज कर दिए गए हैं।
सीओ साइबर पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि हल्द्वानी निवासी हयात सिंह ने मुखानी थाने में केस दर्ज करवाया था। कुछ लोगों ने फेसबुक पर उनसे परिचय बढ़ाकर दोस्ती कर ली थी। करीब छह माह पहले उन्हें सीरिया से उपहार के रूप में करीब 16 लाख के स्वर्ण आभूषण व 30 हजार यूएस डॉलर का पार्सल भेजने की बात कही थी। उसके बाद ठगों ने कस्टम विभाग का अधिकारी बनकर फोन किया और पार्सल छुड़ाने के लिए शुल्क जमा करने की बात कही। हयात सिंह ने साइबर ठगों पर विश्वास कर उनके अलग-अलग खातों में 19 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में ठगी का अहसास होने पर उन्होंने पुलिस को मामले से अवगत कराया। पुलिस ने केस दर्ज कर मामला रुद्रपुर स्थित साइबर क्राइम थाना कुमाऊं को स्थानांतरण कर दिया था। इसके बाद खुलासे के लिए साइबर टीम गठित की गई।
टीम ने फेसबुक की फर्जी आइडी के बारे में डिटेल हासिल की तो चला यह दिल्ली से संचालित किया जा रहा था। ठगी की राशि जिन बैंक खातों में प्राप्त हुई, जांच में उनके पते दिल्ली, दिल्ली एनसीआर और पूर्वोत्तर राज्यों से संबंधित पाए गए। इसके आधार पर पुलिस ने दिल्ली से पश्चिम बंगाल निवासी सूरज कुमार तमांग और विक्रम लिंबू को गिरफ्तार कर लिया। दोनों सूर्या रेजीडेंसी मुनारिका दिल्ली में किराए पर रह रहे थे।
पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने बताया कि उनकी दिल्ली में एक नाइजीरियन महिला से मुलाकात हुई। इसके बाद वे उसे कमीशन बेस पर बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने लगे थे। सीओ पूर्णिमा गर्ग ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। मामले की गहन पड़ताल के बाद जिन लोगों के संलिप्तता मिलेगी, उन पर भी शिकंजा कसा जाएगा। पुलिस टीम में साइबर थाना प्रभारी ललित जोशी, सहायक दरोगा सतेंद्र गंगोला, सिपाही मोहम्मद उस्मान आदि शामिल थे।