रोमानिया बॉर्डर पर फंसा ट्रांजिट कैंप का छात्र कौशिक कुमार।
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रुद्रपुर। भारतीय छात्र रोमानिया बॉर्डर पर मुश्किल भरे दिन व्यतीत कर रहे हैं। यूक्रेन से रोमानिया के लिए चार दिन बाद भी एंट्री नहीं मिल पा रही है। ऐसे में छात्र भूखे-प्यासे खुले आसमान के नीचे रह रहे हैं। ट्रांजिट कैंप निवासी ट्रांजिट कैंप निवासी शिक्षक गोपाल मिस्त्री और नर्स शोभा रानी का बेटा कौशिक कुमार चार दिन से सीमा पर पड़ा है। कौशिक की बहन ने पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम पुष्कर सिंह धामी और डीएम युगल किशोर पंत से बेटे की सकुशल वापसी की मांग की है।
कौशिक कुमार यूक्रेन की टरनोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। बहन ज्योति ने बताया कि कौशिक ने यूनिवर्सिटी में संपर्क कर भारत भेजने का अनुरोध किया। भारतीय दूतावास में भी संपर्क की कोशिश की लेकिन किसी ने भी नहीं सुनीं। इस पर यूनिवर्सिटी के बच्चों ने मिलकर चंदा एकत्रित किया और किराए पर बस लेकर सभी रोमानिया बॉर्डर पहुंचे।
शुक्रवार की शाम तीन बजे बॉर्डर पहुंचने के बाद से कौशिक लगातार वहां की सेना और दूतावास के अधिकारियों से रोमानिया में एंट्री देने, भारत भेजने की मांग कर रहा है। बहन के अनुसार बॉर्डर से रोमानिया के लिए एंट्री नहीं दी जा रही है। दो बार लाइन में लगने के बावजूद उसे लौटा दिया जा रहा है। बकौल, ज्योति पिछले चार दिन से उनका भाई बॉर्डर पर खुले आसमान के नीचे सर्दी में पड़ा है। उन्होंने बताया कि भारत के करीब 15 बच्चे सर्दी और भूख से बेहोश भी हो चुके हैं।
रोमानिया बॉर्डर पर नेटवर्क दिक्कत से नहीं हो पा रहा है संपर्क
रुद्रपुर। ज्योति रानी ने बताया कि नेटवर्क दिक्कत के कारण भाई से बात नहीं हो पा रही है। मोबाइल कभी फोन स्विच ऑफ बताता है तो कभी फोन ही नहीं लगता। सिग्नल और नेटवर्क की दिक्कतों की वजह से परिवार की चिंता और भी बढ़ गई है। रविवार की शाम करीब आठ बजे से फोन भी नहीं लग रहा है। (संवाद)
अजहर को पोलैंड में मिली एंट्री
सितारगंज। पोलैंड सीमा पर चार दिन से फंसे अजहर मलिक को एंट्री मिल गई है। बाईपास कालोनी वार्ड 12 निवासी कारोबारी मो. अथर का बेटा अजहर मलिक पोलैंड बॉर्डर पर चार दिन तक फंसा रहा। अथर ने बताया कि अब भारतीय दूतावास से आदेश आने पर बेटे के जल्द भारत लौटने की उम्मीद है। अथर ने डीएम और सीएम का आभार जताया है। (संवाद)